पीछे विद्यार्थियों की श्रंखला
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4 comments:
उड़नतश्तरी जी अपनी तश्तरी जरा सी इधर भी लाइये।
आइये आइये जिनके नाम नहीं दिए हैं
उनको पहचानिये।
चिन्ता मत करिय़े
आते ही होगें समीर लाल
आज हम तो मिल ही नहीं पाये कविता जी से
कविता जी अच्छी लगी तस्वीर... आपको पुरस्कार/ सम्मान पर बधाई... वैसे इन सम्मानों का ही सम्मान बढ़ा है आपसे..
@यशवंत भाई... समीर लाल जी के नाम के साथ कुछ छोड़ दिया आपने.. जी लगा देते तो अच्छा लगता..
आभार..
जय हिंद...
अविनाशजी,
पुस्तकमेले में आपकी दाढ़ी थी या नहीं, याद नहीं आ रहा।
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